Pages

Search This Website

Sunday, 4 October 2020

*आज का पञ्चाङ्ग* *रविवार, 4 अक्टूबर 2020*

 

*आज का पञ्चाङ्ग*

*रविवार, 4 अक्टूबर 2020*

*मास - आश्विन (अधिक)*

*पक्ष -कृष्ण*

*तिथि- द्वितीया 07:27 तक*

सूर्योदय: - 06:22

सूर्यास्त: - 06:00

चन्द्रोदय: - 19:33

चन्द्रास्त: -08:05

 

अयन - दक्षिणायने (दक्षिणगोलीय)

ऋतु: - शरद

शक सम्वत: - 1942 (शर्वरी)

विक्रम सम्वत: - 2077 (प्रमादी)

 

नक्षत्र - अश्विनी 11:53 तक

योग - हर्षण 23:07 तक

करण - गर 07:27 तक

              वणिज 20:44 तक

〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰

गोचर ग्रहा:

सूर्य   - कन्या

चंद्र    - मेष

मंगल - मीन (उदित, पूर्व, वक्री)

बुध   - तुला (अस्त, पश्चिम, मार्गी)

गुरु   - धनु (उदित, पश्चिम, मार्गी)

शुक्र  - सिंह (उदित, पूर्व, मार्गी)

शनि  - मकर (उदय, पूर्व, मार्गी)

राहु   -वृष

केतु   - वृश्चिक

〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰

शुभाशुभ मुहूर्त विचार

〰〰〰〰〰〰〰

अभिजित मुहूर्त - 11:42 से 12:29

अमृत काल -

विजय मुहूर्त - 14:03 से 14:50

गोधूलि मुहूर्त - 17:47 से 18:11

निशिता मुहूर्तरात्रि - 11:41 से 12:30

राहुकाल - 16:30 से 17:51

राहुवास -उत्तर

यमगण्ड -12:05 से 13:33

दुर्मुहूर्त -14:24 से 17:11

होमाहुति - मंगल

दिशाशूल - पश्चिम

नक्षत्र शूल

अग्निवास - पृथ्वी

चन्द्र वास - पूर्व

चौघड़िया विचार

दिन का चौघड़िया

- उद्वेग      - चर

- लाभ      - अमृत

- काल      - शुभ

- रोग        - उद्वेग

॥रात्रि का चौघड़िया॥

- शुभ       - अमृत

- चर        - रोग

- काल     - लाभ

- उद्वेग     - शुभ

नोट-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।

〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰

शुभ यात्रा दिशा

उत्तर-पूर्व (पान का सेवन कर यात्रा करें)

〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰

तिथि विशेष

भद्रावास स्वर्गलोक में 20:44 से, मंगल मीन में 10:06 से, सर्वार्थसिद्धि योग 06:35 से 11:51 तक आदि।

〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰

आज जन्मे शिशुओं का नामकरण

〰〰〰〰〰〰〰〰〰

आज 11:53 तक जन्मे शिशुओ का नाम  

अश्विनी नक्षत्र के चतुर्थ चरण अनुसार क्रमशः (ला) नामाक्षर से तथा इसके बाद जन्मे शिशुओं का नाम भरणी नक्षत्र के प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ चरण अनुसार क्रमश: (ली, लू, ले, लो) रखना शास्त्र सम्मत है।

〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰

उदय लग्न मुहूर्त

 

कन्या 05:20 से 07:38

तुला 07:38 से 09:59

वृश्चिक 09:59 से 12:18

धनु 12:18 से 14:22

मकर 14:22 से 16:03

कुम्भ 16:03 से 17:29

मीन 17:29 से 18:52

मेष 18:52 से 20:26

वृषभ 20:26 से 22:21

मिथुन 22:21 से 00:36

कर्क 00:36 से 02:57

सिंह 02:57 से 05:16

〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰

पंचक रहित मुहूर्त

 

शुभ - शुभ 06:12 से 07:15

रोग - अमंगल 07:15 से 07:27

शुभ - शुभ 07:27 से 09:35

मृत्यु - विपत्ति 09:35 से 11:53

अग्नि - संकट 11:53 से 11:55

शुभ - शुभ 11:55 से 13:58

रज - अशुभ 13:58 से 15:39

शुभ - शुभ 15:39 से 17:05

चोर - अनिष्ट 17:05 से 18:29

रज - अशुभ 18:29 से 20:03

शुभ - शुभ 20:03 से 21:57

चोर - अनिष्ट 21:57 से 00:12

शुभ - शुभ 00:12 से 02:34

रोग - अमंगल 02:34 से 04:53

शुभ - शुभ 04:53 से 06:13

〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰

आज का राशिफल

मेष

आज दिन के पूर्वार्ध में आप भविष्य को लेकर चिंतित रहेंगे मानसिक चंचलता सही निर्णय नही लेने देगी। कार्य व्यवसाय की स्थिति भी गंभीर रहेगी लाभ के अवसर हाथ आते आते निकल जायेंगे मन मे नकारात्मक भाव आएंगे। आज आपकी मानसिकता कम समय मे अधिक धन कमाने की रहेगी इसमें  हानि-लाभ की परवाह नही करेंगे। मध्यान तक धैर्य धारण करें इसके बाद स्थिति में सुधार आने लगेगा। रुके कार्यो में गति आने के साथ ही नये लाभ के अनुबंध भी मिलेंगे। महिलाये आज किसी के ऊपर जली भुनी रहेंगी घर मे अशांति का कारण भी बन सकती है। बुजुर्गो से मतभेद का परिणाम हानिकर होगा। धन की आमद न्यून रहेगी।

 

वृषभ

आज आप दिन के आरम्भ में अधूरे कार्यो को पूर्ण करने की जल्दी में रहेंगे यह आपके लिये हितकर ही रहेगा मध्यान के बाद परिस्थिति बदलने लगेगी अधिकांश कार्य किसी कमी के कारण अधूरे रह जायेंगे। आज आपकी किसी पूरानी गलती के सामने आने से परिवार का वातावरण बिगड़ेगा भाई-बंधु एवं स्त्री से कलह होने की संभावना है। बड़ो से भी डांट फटकार सुन्नी पड़ेगी अपनी गलती मान लेने से स्थिति गंभीर नही हो सकेगी। स्वभाव में आज व्यवहारिकता रखना अत्यंत आवश्यक है। सामजिक एवं धार्मिक कार्यो में अरुचि रहेगी। कार्य क्षेत्र पर आज सहकर्मी अथवा नौकरो की गतिविधि पर भी नजर रखें। संध्या के समय मानसिक दुविधा कम होगी।

 

मिथुन

आज का दिन आपके लिये शुभ रहेगा। पारिवारिक एवं सामाजिक मामलों में निष्पक्ष फैसले लेंगे जिससे आपकी छवि सम्मानजनक बनेगी। परिवार के सदस्यों के साथ ही रिश्तेदार भी महत्त्वपूर्ण कार्यो में आपकी राय लेंगे लेकिन आज किसी की जमानत लेने से बचें अन्यथा बैठे बिठाये सरदर्दी बढ़ेगी। कार्य व्यवसाय सुव्यवस्थित रूप से चलेगा धन लाभ आशा जनक होगा। महिलाओ को मनपसंद वस्तु की मिलेगी। आज आप स्वयं के कार्य के साथ ही परिचितों के कार्यो में भी सहयोग करेंगे। घर एवं बाहर के लोग आपकी प्रसंशा अवश्य करेंगे। सेहत मे थोड़ा उतार चढ़ाव लगा रहेगा फिर भी संतोष की अनुभूति होगी। सन्तान का सुख सहयोग मिलेगा।

 

कर्क

आज दिन का पूर्वार्ध लाभदायक रहेगा इसका समय रहते लाभ उठायें मध्यान से स्थिति विपरीत होने लगेंगी सेहत में अचानक गिरावट आने से महत्त्वपूर्ण कार्य अधूरे रह जायेंगे। व्यवसायी वर्ग भी दिन के आरम्भ में किसी कार्य के बनने से प्रसन्न रहेंगे परन्तु कुछ समय बाद प्रसन्नता उदासी में बदल जाएगी। जिस भी कार्य को करने का मन बनाएंगे उसमे स्वयं अथवा सहकर्मी की खराब सेहत बाधा डालेगी। आर्थिक लाभ के लिये आज इंतजार करना पड़ेगा संध्या के आस-पास होगी वह भी अनर्गल कार्यो में खर्च हो सकती है। महिलाये शारीरिक अकड़न अथवा नसों में विकार आने से असहज रहेंगी। यात्रा का मन बन रहा है तो फिलहाल स्थगित रखें।

 

सिंह

आज दिन के आरंभिक भाग में आपको किसी से शुभ समचार मिलेगा परिवार में मांगलिक कार्यक्रम की रूपरेखा बनाएंगे। कार्य व्यवसाय में आज सोची हुई योजनाये विलम्ब से पूर्ण होंगी जिससे किसी से किया वादा समय पर पूर्ण करने में असमर्थ रहेंगे। आर्थिक रूप से आज का दिन कम लाभ वाला रहेगा अधिकांश खर्च जमा रकम से ही निकालने पड़ेंगे फिर भी आज आप मानसिक रूप से निश्चिन्त रहेंगे। महिलाओ को स्वसन अथवा मूत्राशय सम्बन्धित समस्या हो सकती है। आज आपके व्यवहार से कुछ ऐसे संबंध बनेंगे जिनसे लंबे समय तक लाभ प्राप्त किया जा सकेगा। संध्या के समय मनपसंद भोजन वस्त्र एवं अन्य सुख मिलने से प्रसन्नचित रहेंगे।

 

कन्या

आज के दिन आपको अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी। आज आप शीघ्र ही अपने कार्यो में जुट जाएंगे मध्यान के बाद परिश्रम का फल धन लाभ के रूप में मिलने लगेगा संध्या तक आर्थिक स्थिति बेहतर हो जायेगी। पुराने उधार चुकता होने पर राहत मिलेगी। महिलाये आज महंगी वस्तुओं की खरीददारी का मन बनाएंगी लेकिन अंत समय मे कोई व्यवधान सकता है। पारिवारिक वातावरण में छुट-पुट छींटा कशी लगी रहेगी फिर भी स्थिति सामान्य बनी रहेगी। संतानो के ऊपर खर्च करने के बाद भी परिणाम आशानुकूल नही रहेंगे। घर के बुजुर्गो अथवा महिलाओ से वित्तीय लाभ की सम्भावना है।

 

तुला

आपके लिये आज का दिन भी आनंद दायक रहेगा लेकिन फिजूल की बयानबाजी से आज बचना होगा मन मे अहम आने से अपने आगे किसी को नही गिनेंगे किसी के सम्मान को ठेस पहुचाने पर लंबे समय के लिए मतभेद हो सकते है। आर्थिक रूप से दिन उत्तम रहेगा जिस भी कार्य मे हाथ डालेंगे वहां से कुछ ना कुछ लाभ अवश्य मिलेगा। परिवार की महिलाये एवं बुजुर्ग आज आपकी किसी बुरी आदत से दुखी होंगे कुछ समय के लिए स्थिति को संभालना मुश्किल होगा। संध्या के समय घरेलू खर्च के साथ ही मौज शौक पर खर्च होगा। सुखोपभोग आज आपकी प्राथमिकता रहेगी। महिलाये भी आज मानसिक रूप से प्रसन्न रहेंगी।

 

वृश्चिक

आपके लिये आज का दिन लाभ के अवसर लाएगा लेकिन आलस्य प्रमाद के कारण ये अवसर अन्य किसी के हाथ भी लग सकते है। दिन का आरंभ सुस्ती से होगा प्रत्येक कार्य धीमी गति से करेंगे। मध्यान के समय कार्यो को पूर्ण करने की जल्दी में कुछ उल्टा-सीधा हो सकता है फिर भी आज आप जोड़ तोड़ करने अपना काम निकाल ही लेंगे। नौकरी पेशा लोग अधिकारी वर्ग से अपनी बात मनवाने के लिए गुप्त युक्तियां लगाएंगे लेकिन इसमे सफलता निश्चित नही रहेगी। धन लाभ भी आपके परिश्रम की तुलना से अधिक हो सकता है परंतु इसके लिए कार्य क्षेत्र पर अनर्गल बातो को छोड़ लक्ष्य को केंद्रित रकह कार्य करें। स्त्रीवर्ग आज ज्यादा भावुक रहेंगी कोई इसका गलत फायदा भी उठा सकता है। आंख बंद कर किसी पर विश्वास ना करें।

 

धनु

Read More »

लंबी यात्रा पर जाने से पहले ध्यान में रखने लायक बातें

लंबी यात्रा पर जाने से पहले ध्यान में रखने लायक बातें

ज्योतिष शास्त्र में समय मुहूर्त एवं नक्षत्र और समय का काफी महत्व बताया गया है। हम जीवन में काफी सारी यात्राएं करते हैं जिनमें से काफी सारे यात्राएं बहुत लंबी होती है।व्यक्ति जब भी कोई यात्रा करता है तो यह आशय रहता है कि उसकी यात्रा सुखमय पूर्ण हो। उसकी यात्रा में कोई भी बाधा या विघ्न उत्पन्न ना हो।ज्योतिष शास्त्र में ऐसी काफी सारी बातें बताई गई है अगर इन बातों का ध्यान में रखकर यात्रा की जाए तो हमेशा यात्रा सफल होती है। आज हम यात्रा करते समय ध्यान में रखने वाली ऐसी बातों का अध्ययन करेंगे जिसके कारण आपकी यात्रा सुखमय पूर्ण हो।

शुभ समय, शुभ नक्षत्र, शुभ दिन और शुभ दिशा से यात्रा का प्रारंभ करने से यात्रा में किसी भी प्रकार का विघ्न उत्पन्न नहीं होता और व्यक्ति अपनी यात्रा पूर्ण करके सकुशल और खुशी खुशी घर वापस जाता है। अत: यदि आप तीर्थ यात्रा या किसी अन्य पर्यटन यात्रा के लिए जा रहे हैं या घुमने फिरने के लिए जा रहे हैं तो यह बातों का ध्यान अवश्य रखें।

 

*1.दिशाशूल :* शनिवार और सोमवार को पूर्व दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए, तथा गुरुवार को दक्षिण दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए। रविवार और शुक्रवार को पश्चिम की यात्रा नहीं करनी चाहिए, बुधवार और मंगलवार को उत्तर की यात्रा नहीं करनी चाहिए, इन दिनों में और उपरोक्त दिशाओं में यात्रा करने से दिकशूल माना जाता है।

अगर इस दिन यात्रा करनी हो तो इन बातों का रखें ध्यान

यात्रा करना ही हो तो रविवार को पान या घी खाकर, सोमवार को दर्पण देखकर या दूध पीकर, मंगल को गुड़, खाकर, बुधवार को धनिया मुंग या तिल खाकर, गुरुवार को जीरा या दही खाकर, शुक्रवार को दही पीकर और शनिवार को अदरक या उड़द खाकर प्रस्थान किया जाए तो ऐसी यात्रा अवश्य ही आपको सफलता दिला सकती है।

 

2.नक्षत्र त्याग :आर्द्रा, भरणी, कृतिका, मघा, उत्तरा विशाखा और आश्लेषा ये नक्षत्र त्याज्य है।

 

3. तिथि त्याग- षष्ठी, द्वादशी, रिक्ता तथा पर्व तिथियां भी त्याज्य है।

 

4.यात्रा के लिए शुभ नक्षत्र - अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, हस्त, मृगशिरा, अश्विनी, पुनर्वसु, पुष्य और रेवती ये नक्षत्र यात्रा के लिए शुभ है और मिथुन, कन्या, मकर, तुला ये लगन शुभ है। सभी दिनों में हस्त, रेवती, अश्विनी, श्रवण और मृगशिरा ये नक्षत्र सभी दिशाओं की यात्रा के लिए शुभ बताए गए है।

 

5.तिथि योग : यात्रा के लिए प्रतिपदा श्रेष्ठ तिथि मानी जाती है, द्वितीया कार्यसिद्धि के लिए, तृतीया आरोग्यदायक, चतुर्थी कलह प्रिय, पंचमी कल्याणप्रदा, षष्ठी कलहकारिणी, सप्तमी भक्षयपान सहित, अष्टमी व्याधि दायक, नवमी मौत दायक, दसमी भूमि लाभ प्रद, एकादशी स्वर्ण लाभ करवाने वाली, द्वादशी प्राण नाशक और त्रयोदशी सर्वसिद्धि दायक होती है। पूर्णिमा एवं अमावस्या को यात्रा नहीं करनी चाहिए, तिथि क्षय मासान्त तथा ग्रहण के बाद के तीन दिन यात्रा नुकसान दायक मानी गयी है।

 

6.राहु काल : राहु काल में यात्रा प्रारंभ ना करें।राहु काल में यात्रा आरंभ करना काफी शुभ माना गया है।आपको सूचित किया जाता है कि राहुकाल में कभी भी यात्रा का प्रारंभ ना करें।

 *रविवार को शाम 4.30 से 6.00 बजे तक राहुकाल होता है।

*सोमवार को दिन का दूसरा भाग यानी सुबह 7.30 से 9 बजे तक राहुकाल होता है।

* मंगलवार को दोपहर 3.00 से 4.30 बजे तक राहुकाल होता है।

*बुधवार को दोपहर 12.00 से 1.30 बजे तक राहुकाल माना गया है।

* गुरुवार को दोपहर 1.30 से 3.00 बजे तक का समय यानी दिन का छठा भाग राहुकाल होता है।

*शुक्रवार को दिन का चौथा भाग राहुकाल होता है यानी सुबह 10.30 बजे से 12 बजे तक का समय राहुकाल है।

*शनिवार को सुबह 9 बजे से 10.30 बजे तक के समय को राहुकाल माना गया है।*

अगर राहु काल में यात्रा करना जरूरी हो तो निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें।

यदि राहुकाल के समय यात्रा करना जरूरी हो तो पान, दही या कुछ मीठा खाकर निकलें। घर से निकलने के पूर्व पहले 10 कदम उल्टे चलें और फिर यात्रा पर निकल जाएं। दूसरा यदि कोई मंगलकार्य या शुभकार्य करना हो तो हनुमान चालीसा पढ़ने के बाद पंचामृत पीएं और फिर कोई कार्य करें।

 

दिन और रात को बराबर आठ भागों में बांटने के बाद आधा आधा प्रहर के अनुपात से विलोम क्रमानुसार राहु पूर्व से आरम्भ कर चारों दिशाओं में भ्रमण करता है। अर्थात पहले आधे प्रहर पूर्व में दूसरे में वाव्य कोण में तीसरे में दक्षिण में चौथे में ईशान कोण में पांचवें में पश्चिम में छठे में अग्निकोण में सातवें में उत्तर में तथा आठवें में अर्ध प्रहर में नैऋत्य कोण में रहता है। रविवार को नैऋत्य कोण में सोमवार को उत्तर दिशा में, मंगलवार को आग्नेय कोण में, बुधवार को पश्चिम दिशा में, गुरुवार को ईशान कोण में, शुक्रवार को दक्षिण दिशा में, शनिवार को वायव्य कोण में राहु का निवास माना जाता है। राहु दाहिनी दिशा में होता है तो विजय मिलती है, योगिनी बायीं तरह सिद्धि दायक होती है, राहु और योगिनी दोनों पीछे रहने पर शुभ माने गए हैं, चन्द्रमा सामने शुभ माना गया है।

 

7. अन्य विचार : प्रतिपदा और नवमी तिथि को योगिनी पूर्व दिशा में रहती है, तृतीया और एकादशी को अग्नि कोण में त्रयोदशी को और पंचमी को दक्षिण दिशा में चतुर्दशी और षष्ठी को पश्चिम दिशा में पूर्णिमा और सप्तमी को वायु कोण में द्वादशी और चतुर्थी को नैऋत्य कोण में, दसमी और द्वितीया को उत्तर दिशा में अष्टमी और अमावस्या को ईशानकोण में योगिनी का वास रहता है, वाम भाग में योगिनी सुखदायक, पीठ पीछे वांछित सिद्धि दायक, दाहिनी ओर धन नाशक और सम्मुख मौत देने वाली होती है।

Read More »